What is detoxification..?
Detoxification is a process in which we take measures to rid the body of toxins and sequestrants. It is a means of improving health by purifying toxic substances present in body parts and products. Various techniques such as relaxation, sweating, diet abstinence, natural remedies, etc. can be used for detoxification. Its main objective is to provide relaxation and restoration for a healthy lifestyle.
डिटॉक्सिफिकेशन क्या है..?
स्वस्थ रहने के लिए आजकल लोगों में डिटॉक्सिफिकेशन का चलन जोरों पर है।
आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास खुद के लिए बहुत कम समय होता है।
पौष्टिक भोजन की कमी, धूम्रपान व शराब का सेवन, शरीर में इन टॉक्सिन की मात्रा बढ़ा देता है।
डिटॉक्सिफिकेशन का अर्थ है शरीर में जमा विषैले पदार्थों को बाहर निकालना।
इस क्रिया में शरीर को अंदर और बाहर दोनों तरह से साफ किया जाता है।
आइये जानें ऐसे आहारों के बारे में जो शरीर को डिटॉक्स करने के लिए जरूरी हैं...
नारियल पानी
ताजा हरे नारियल के जूस भी ले सकते हैं। इसमें कई इलेक्ट्रोलाइट्स और एंटीआक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर से टॉक्सिन को निकाल कर बॉडी सिस्टम को साफ करते हैं। नारियल पानी में बड़ी मात्रा में शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने की गजब की क्षमता होती है। यही वजह है कि किसी भी तरह की बीमारी से ग्रस्त रोगी को हमेशा नारियल पानी पीने की सलाह दी जाती है।
● पालक ●
पालक में डिटॉक्सिफाइंग का गुण बड़ी मात्रा में पाया जाता है।
आप चाहें तो पालक को सब्जी अथवा सूप के रूप में ले सकते हैं। पालक के पत्तों को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें, इसे पतला करने के लिए इसमें पानी मिलाएं। अच्छे स्वाद के लिए इसमें नींबू के कुछ बूंद और काली मिर्च मिला सकते हैं। फिर इसे पी लें, इससे आपको काफी लाभ होगा।
ग्रीन एप्पल
हमारे शरीर और ब्लड को साफ और डिटॉक्सिफाइंग करने के ग्रीन एप्प्ल भी काफी असरदार होता है।
हालांकि इसका स्वाद थोड़ा तीखा होता है, पर डिटॉक्सिफाइंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य जूस की तुलना में इसका फ्लेवर काफी अच्छा होता है।
एप्पल जूस को हर रोज खासकर सुबह के समय लेना चाहिए।
यह शरीर को अंदर से साफ करता है।
फाइबर युक्त आहार
भोजन में अधिक से अधिक रेशे शामिल करें ताकि कब्ज न रहे। रात को सोने से पहले इसबगोल की भूसी पानी के साथ ले सकते हैं।
दिन की शुरुआत ओट्स के नाश्ते से कर सकते हैं।एक ही बार में पेट भरने की कोशिश न करें। भोजन हल्का और टुकड़ों में करें।
शरीर के लिएविटामिन और मिनरल हैं बहुत जरूरी.!
फोलिक एसिड, विटामिन-बी, कैल्शियम, विटामिन सी, और डी तथा बी-12 की मात्रा शरीर में बनाए रखें।
रोजाना जरूरत के मुताबिक विटामिन और मिनरल का सेवन करें।
ऐसा करना सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है।
◆●पुदीना●◆
पुदीना की पत्तियों को अच्छे से मसल लें और उसमें नींबू की कुछ बूंदे डालकर लें।
आप चाहें तो स्वाद के लिए इसमें काली मिर्च और नमक भी डाल सकते हैं। यह शरीर में मौजूद टॉक्सिन को आसानी से बाहार निकालता है।
◆●ब्लूबेरी●◆
छोटी-छोटी ब्लूबेरी में बॉडी को डिटॉक्स करने के गुण समाए होते हैं। इसमें मौजूद एंथोकेनाइन्स और एंटीऑक्सीडेंट शरीर में जमा विषैले पदार्थों को बाहर निकालते हैं।
मौसमी फलों का सेवन
इस समय सभी तरह के रसीले फल बाजार में आ जाते हैं। मसलन नियमित रूप से तरबूज, खीरा, ककड़ी, संतरा, अंगूर तथा सेवफल का रस ले सकते हैं।
छांछ भी एक बेहतर विकल्प है।
सब्जियों का ताजा रस!
◆●ग्रीन टी●◆
चाय, कॉफी से परहेज करें और ग्रीन टी या हर्बल टी पिएं।
इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर की अंदर से सफाई करता है। आप इन्हें दिन में दो या तीन बार से ज्यादा भी ले सकते हैं।
इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
केल की पत्ती
केल की पत्ती का जूस भी एक बेहतरीन डिटॉक्सिफाइंग जूस है।
केल पत्ती को पीस कर इसमें कुछ बूंद नींबू, एक चम्मच पीसा हुआ अदरक और थोड़े खीरे से तैयार किया जाता है।
यह जूस बहुत ही अच्छा डिटॉक्सिफाइंग एजेंट है और इसका सेवन सुबह में करना चाहिए।
नेचुरोपैथ कौशल
9896076323
9215522667




Post a Comment