जहर है फ्रिज का पानी.!
मानो या मानो, लेकिन यही सच है कि...
जहर है फ्रिज का पानी.!
●● 27℃ से नीचे पानी ठंडा है।
●● 27℃ तक का पानी शरीर सहन कर सकता है।
● जब भी आप फ्रिज का ठंडा पानी पीते है तो गर्म पेट मे ठंडा पानी जाता है।
● अब पेट आपका गर्म है और पानी ठंडा, तो अंदर जाकर झगड़ा होता है या तो पेट पानी को गर्म करता है या पानी पेट को ठंडा करता है।
● एक मिनट के लिए मान लें कि आपने बहुत ठंडा पानी पिया है और पानी ने पेट को ठंडा कर दिया।
● पेट ठंडा होते ही हार्ट (Heart) ठंडा हो जाएगा क्योंकि पेट और हार्ट का आपस मे कनेक्शन है।
● हार्ट के ठंडा होते ही मस्तिष्क (Brain) ठंडा हो जाएगा क्योंकि इन दोनों का भी आपस मे कनेक्शन है और मस्तिष्क के ठंडा होते ही शरीर ठंडा हो जाएगा और शरीर के ठंडा होते ही आपको घर के बाहर निकालकर फेंक दिया जाएगा।
● वो सब लोग जो आपको लिपट कर प्रेम करते है वो आपको छूना भी पसंद नहीं करेंगे क्योंकि शरीर ठंडा हो गया और वो एक ही बात बोलेंगे जल्दी लेकर जाओ क्यों रखा हुआ है ??
● अंतिम संस्कार कब है क्यों● अगर आप भी फ्रीज का पानी पीते है तो ये समस्या आपको भी जरुर होगी।
● कितनी भी गर्मी पड़े फ्रिज का ठंडा पानी या बर्फ मिलाया हुआ पानी कभी मत पियो।
पहले ये जान लें...
आयुर्वेद के अनुसार ठंडे पानी की परिभाषा.??
● शरीर का तापमान होता है
●● 37°सेल्सियस या
●● 98.6°फारेनहाइट।
कि शरीर के ठंडा होते ही सिर्फ राम नाम सत्य होता है।
तो मित्रो ये ठंडा पानी पीने की गलती मत करिए।
अब इस सारी बात का दूसरा पार्ट भी समझिए..
● जब बहुत ठंडा पानी आप पीएंगे तो पेट उस पानी को गर्म करेगा क्योंकि उसे आपको जिंदा रखना है तो ये भगवान की व्यवस्था बनाई हुई है लेकिन गर्म करने के लिए उसको ऊर्जा (Energy) चाहिए।
● अब ऊर्जा कहाँ से आएगी ??
● ऊर्जा आएगी रक्त (Blood) मे से तो सारे शरीर का खून पेट मे आएगा।
● अब आप थोड़ी देर के लिए कल्पना करिए सारे मस्तिष्क का खून पेट मे चला गया और हार्ट (Heart) का खून पेट मे चला गया, आंतों का खून पेट मे आ गया तो हरेक अंग को खून की कमी आएगी।
● मस्तिष्क को 3 मिनट अगर ब्लड सप्लाई रुक गई या कम हो गई तो ब्रेन डेड हो जायेगा और इस तरह हार्ट को एक से डेढ़ मिनट ब्लड सप्लाई रुक गई तो हार्ट डेड हो जाएगा।
● बाकी सभी अंग तो ऐसे ही खत्म हो जाएंगे, इसलिए कहा गया है ठंडा पानी पीना बहुत बड़ा रिस्क लेने के बराबर है।
अब इस सारी बात का तीसरा पार्ट भी समझ लीजिये.!
● हमारे शरीर मे दो आंत होती है छोटी आंत और बड़ी आंत।
● बड़ी आंत का काम है हमारे शरीर मे से मल को बाहर निकालना है अर्थात जो भी हम खाते है पचने के बाद जो बेकार बचता है वो मल के रूप मे बड़ी आंत द्वारा बाहर निकलता है।
● बड़ी आंत देखने मे बिलकुल एक खुले पाइप की तरह होती है। अब जैसे ही एक दम से आप ठंडा पानी पीते है तो ये बड़ी आंत एक दम से सिकुड़ के बंद हो जाती है और बार-बार आपने ठंडा पानी पी पी कर इसे पूरा बंद कर दिया तो सुबह आपको स्टूल पास नहीं होगा टॉयलेट नहीं आएगी।
● आप जोर लगा लगा कर पागल हो जायेंगे लेकिन पेट साफ फिर भी नहीं होगा।
● अर्थात आपको कब्जियत का रोग हो जाएगा और आयुर्वेद मे कब्जियत को सब बीमारियों की जड़ या Mother of Diseases कहते है।
● अगर आपको कब्जियत का रोग हो गया और कुछ लंबे समय तक रहा तो एक एक करके आपको सभी बीमारियाँ आएंगी।
● यूरिक एसिड, कोलोस्ट्रोल, हार्ट ब्लोकेज, शुगर वगैरह वगैरह।
इस लिए ये फ्रिज का ठंडा पानी आपके शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा खतरनाक है।
● पश्चिमी देशों के लोग बहुत अधिक ठंडा पानी पीते हैँ।
● 5-6 दिन फ्रिज मे रखकर फिर उसमे आइस क्यूब डाल डाल कर पीते है और परिणाम क्या होता है.?
● सुबह 1-1 घंटा टॉयलेट मे बिताते है क्योंकि पेट साफ ही नहीं होता और कभी आप उनसे पूछिये की भाई आपने अपनी टॉयलेट सीट ये बैठने वाली कमोड सीट क्यों बनवाई है.?
● तो जवाब आएगा कि भारतीय सीट पर आप 5 मिनट से ज्यादा बैठ नहीं सकते क्योंकि बैठने की जो पोजीशन है वो आपको 5 मिनट मे ही थका देती है और हमको घंटो घंटो बैठना पड़ता है क्योंकि पेट साफ ही नहीं होता।
● इसलिए कुर्सी जैसा बना लेते है और बैठे रहते है !
● और तो और उनके टॉयलेट मे आपको लाइब्रेरी मिलेगी, किताबे, न्यूज़ पेपर, मैगजीन सब कुछ मिलेगा क्योंकि घंटो घंटो बैठना है तो बिना इसके टाइम कैसा पास होगा??
● अभी टॉयलेट तो किताब पढ़ने के लिए नहीं बना है ??
● लेकिन उनकी मजबूरी है।
● अब हमारे देश के कुछ पढे लिखे नकलचियों ने उनकी नकल कर टॉयलेट मे अखबार लेकर जाना, किताबे लेकर जाना शुरू कर दिया है और साथ मे छोटी सी लाइब्रेरी भी बनाना शुरू कर दिया है और ऐसा करके अपने आप को आधुनिक समझने लगे है।
● बिना सोचे समझे जब नकल की जाती है तो ऐसा ही होता है।
● उनकी मजबूरी को हम अपना फैशन बना रहे है !
● मतलब ये सारी समस्या का मूल कारण है वो ठंडा पानी।
● आपको अगर पीना है तो आप मिट्टी के घड़े का पानी पिये क्योंकि मिट्टी के घड़े मे रखे पानी को आप जब भी चैक करेंगे उसका तापमान 36℃, 35℃ या 33℃ के आस पास ही होगा और जैसा हमने ऊपर बताया हमारे शरीर का तापमान है 37℃, तो घड़े के पानी का तापमान और आपके शरीर का तापमान लगभग बराबर बैठता है।
● इसलिए सदियो पहले हमारे आयुर्वेद मे कहा गया है कि घड़े का पानी पीने के लिये अच्छा है इसलिए हमारे देश मे सदियो से लोग मिट्टी के घड़े का पानी पीते आए है।
● चलिये छोड़िए इन सब बातों को, मूल बात ये है मिट्टी का घड़ा इस देश मे करोड़ो गरीब कुम्हारों द्वारा बनाया जाता है लेकिन जबसे प्रेशर कुकर, प्लास्टिक की बोतले, थर्मोकोल के गिलास आदि आने शुरू हुये है और परिणाम देश के करोड़ो गरीब कुम्हारों का रोजगार छिन गया है।
● बेचारा गरीब कुम्हार मिट्टी के दीपक भी नहीं बेच पता क्योंकि हम सब दीवाली के त्योहारो पर चीनी लाईट खरीदकर, पहले लक्ष्मी चीन को दे देते है और दीवाली की रात पूजा करते है कि लक्ष्मी जी हमारे घर पधारें।
● हम सब अगर दुबारा से घड़े का पानी पीना शुरू करेंगे तो गरीब कुम्हारों का घड़ा बिकेगा और अगर फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पिएंगे तो आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
● गरीब कुम्हारों को रोजगार मिलेगा..!!
● सरकार के भरोसे इस देश की किसी भी समस्या का समाधान नहीं होने वाला है लेकिन इस देश की जनता अपने स्तर पर बहुत सी समस्याओ का समाधान कर सकती है।
● आओ हम सब मिलकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाये और अपने गरीब कुम्हार भाइयों के लिये सेल प्रमोटर बन जाएं।
● इस पोस्ट अधिक से अधिक शेयर करके निरोगी जीवन जियें और घड़े बिकवाएं।
ये कोई जबरदस्ती नही बल्कि सच को उजागर करना हमारा सामाजिक दायित्व भी है।



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